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प्रोस्टेट कैंसर: पुरुषों में इसका खतरा क्यों बढ़ गया है? प्रारंभिक लक्षण और रोकथाम के तरीके

पुरुष स्वास्थ्य सप्ताह 2025: कैंसर जागरूकता 9 से 15 जून, 2025 तक मनाए जाने वाले पुरुष स्वास्थ्य सप्ताह का विषय "पुरुषों की स्वास्थ्य जांच" है, जो पुरुषों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच पर जोर देता है। इस अवसर पर जानिए प्रोस्टेट कैंसर, जिससे हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रभावित हुए, पुरुषों के लिए खतरनाक क्यों है। यह भारत में पुरुषों में सबसे अधिक प्रचलित कैंसर है। प्रोस्टेट कैंसर क्या है? विशेषज्ञ डॉ. तेजिंदर कटारिया के अनुसार, यह कैंसर मूत्राशय के नीचे मलाशय के पास स्थित एक छोटी ग्रंथि में होता है, जो प्रजनन द्रव बनाती है। आंकड़ों के अनुसार, हर 100 मरीजों में से 13 की मृत्यु इससे होती है। प्रोस्टेट कैंसर के कारण: आयु: 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में जोखिम अधिक होता है, लेकिन अब युवा भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। आनुवंशिक कारक: कैंसर का पारिवारिक इतिहास होने से जोखिम बढ़ जाता है। नस्ल: अफ्रीकी मूल के लोगों में मामले अधिक आम हैं। जीवनशैली: धूम्रपान, शराब, मोटापा और जंक फूड का अत्यधिक सेवन इसके प्रमुख कारण हैं। प्रारंभिक लक्षण: बार-बार पेशाब आना या पेशाब करने में कठिनाई होना। पेशाब या मल त्याग करते समय दर्द होना। पेशाब या मल में खून आना। पीठ, कूल्हों या छाती में दर्द होना। रोकथाम के उपाय - डॉ. कुमारदीप दत्ता चौधरी के अनुसार: अपने वजन को नियंत्रण में रखें। नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवाएं। सिगरेट और शराब से परहेज करें। विटामिन डी की कमी को दूर करें। रोजाना व्यायाम करें। वसायुक्त भोजन से बचें। सोयाबीन, लाल फल और सब्जियां खाएं। निष्कर्ष: प्रोस्टेट कैंसर एक गंभीर खतरा है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली और समय पर जांच से इसे रोका जा सकता है। पुरुष स्वास्थ्य सप्ताह हर पुरुष को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की याद दिलाता है।