Heart Touching Hamd | Mera Allah Muhabbat Se | Rizwan Soomro

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यहूदी के शागिर्द (चेले): एक व्यंग्यात्मक कहानी

यहूदी के शागिर्द (चेले): एक व्यंग्यात्मक कहानी

एक यहूदी ने रूस छोड़कर इज़राइल में बसने की अनुमति ली और रूस से रवाना हुआ। एयरपोर्ट पर जब उसके सामान की तलाशी ली गई, तो लेनिन की एक मूर्ति बरामद हुई। इंस्पेक्टर ने पूछा: "यह क्या है?" यहूदी ने कहा: "जनाब, आपने गलत सवाल किया! आपको पूछना चाहिए था कि 'यह कौन है?' यह लेनिन हैं, जिन्होंने समाजवाद के ज़रिए रूसी कौम की सेवा की। मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ, इसलिए यादगार के तौर पर उनकी मूर्ति अपने साथ ले जा रहा हूँ।" रूसी इंस्पेक्टर बहुत प्रभावित हुआ और बोला: "ठीक है, जाओ।" जब यहूदी मास्को से तेल अवीव (इज़राइल) एयरपोर्ट पर उतरा, तो फिर उसके सामान की तलाशी ली गई और वही मूर्ति निकली। वहाँ के इंस्पेक्टर ने पूछा: "यह क्या है?" यहूदी ने कहा: "आपका सवाल गलत है। आपको कहना चाहिए था कि 'यह कौन है?' यह मुजरिम लेनिन है! यही वह पागल है जिसकी वजह से मैं रूस छोड़ने पर मजबूर हुआ। इसकी मूर्ति मैं यादगार के तौर पर अपने साथ लाया हूँ ताकि सुबह-शाम इसे देखकर इस पर लानत भेज सकूं!" इज़राइली इंस्पेक्टर प्रभावित हुआ और बोला: "ठीक है, जाओ।" यहूदी अपने घर पहुँचा और मूर्ति को निकालकर घर के एक कोने में संभालकर रख दिया। सकुशल इज़राइल पहुँचने पर उसके रिश्तेदार उससे मिलने आए, जिनमें उसका एक भतीजा भी था। भतीजे ने मूर्ति देखकर पूछा: "अंकल, यह कौन है?" यहूदी बोला: "तुम्हारा सवाल गलत है। तुम्हें कहना चाहिए था कि 'यह क्या है?' यह 10 किलो शुद्ध सोना है! इसे बिना कस्टम ड्यूटी के लाना था, इसलिए मैंने इसकी मूर्ति बनवा दी और बिना किसी टैक्स या कस्टम के इसे लाने में कामयाब रहा।" हमारे राजनेता इसी यहूदी के शागिर्द (चेले) हैं। सीख (Moral) चालाकी और धोखा: यहूदी ने हालात के मुताबिक जवाब देकर सबको बेवकूफ बनाया, जो राजनेताओं की चालाकी को दर्शाता है। सामाजिक कटाक्ष: यह कहानी व्यंग्यात्मक रूप से बताती है कि राजनेता भी इसी तरह परिस्थितियों के अनुसार अपनी बात बदल लेते हैं।