ماہنامہ فلاح دارین کراچی (اکتوبر)

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बुद्धिमत्ता का इनाम: राजा और समझदार बूढ़ी औरत की कहानी

बुद्धिमत्ता का इनाम: राजा और समझदार बूढ़ी औरत की कहानी

एक राजा ने ऐलान कर रखा था कि जो कोई भी अच्छी और हिकमत (बुद्धिमत्ता) की बात कहेगा, उसे चार सौ दीनार (सोने के सिक्के) दिए जाएंगे...!!!! एक दिन राजा अपनी प्रजा की देखभाल करने निकला। उसने देखा कि एक नब्बे साल की बूढ़ी औरत जैतून (ऑलिव) के पौधे लगा रही है। राजा ने कहा, "तुम पाँच-दस साल में मर जाओगी और यह पेड़ बीस साल बाद फल देंगे, तो इतनी मेहनत करने का क्या फ़ायदा?" बूढ़ी औरत ने जवाब दिया, "हमने जो फल खाए वे हमारे बड़ों ने लगाए थे, और अब हम लगा रहे हैं ताकि हमारी आने वाली नस्लें (औलाद) खा सकें...!!!!" राजा को उस बूढ़ी औरत की बात बहुत पसंद आई और उसने हुक्म दिया कि इसे चार सौ दीनार दे दिए जाएँ...!!!! जब बूढ़ी औरत को दीनार दिए गए, तो वह मुस्कुराने लगी...!!!! राजा ने पूछा, "क्यों मुस्कुरा रही हो???" बूढ़ी औरत ने कहा, "जैतून के पेड़ों ने बीस साल बाद फल देना था, जबकि मुझे मेरा फल अभी मिल गया है...!!!!" राजा को उसकी यह बात भी बहुत अच्छी लगी और उसने आदेश जारी किया कि इसे और चार सौ दीनार दिए जाएँ...!!!! जब उस औरत को और चार सौ दीनार दिए गए, तो वह फिर मुस्कुराने लगी...!!!! राजा ने पूछा, "अब क्यों मुस्कुराईं???" बूढ़ी औरत ने कहा, "जैतून का पेड़ पूरे साल में सिर्फ़ एक बार फल देता है, जबकि मेरे पेड़ ने दो बार फल दे दिए हैं..!!!!" राजा ने फिर हुक्म दिया कि इसे और चार सौ दीनार दिए जाएँ। यह हुक्म देते ही राजा तेज़ी से वहाँ से रवाना हो गया...!!!! वज़ीर ने पूछा, "हुज़ूर, आप इतनी जल्दी में क्यों निकल आए???" राजा ने कहा, "अगर मैं कुछ और देर उस औरत के पास रहता, तो मेरा सारा ख़ज़ाना ख़ाली हो जाता, मगर उस औरत की हिकमत भरी बातें ख़त्म न होतीं...!!!!" अच्छी बात दिल मोह लेती है, नर्म रवैया दुश्मन को भी दोस्त बना देता है, हिकमत भरा जुमला राजाओं को भी करीब ले आता है। अच्छी बात दुनिया में दोस्त बढ़ाती है और दुश्मन कम करती है, और आख़िरत में सवाब (पुण्य) को बढ़ाती है। आप माल-ओ-दौलत से सामान तो ख़रीद सकते हैं, मगर दिल की ख़रीदारी सिर्फ़ अच्छी बात से ही हो सकती है💯!!

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